Columbia Asia Hospital, Patiala, Launches Sleep Clinic

Quality Sleep is crucial for good health

Inadequate sleep increases the risk of high BP, heart disease, obesity & diabetes

6th March 2020, Patiala: Columbia Asia Hospital, Patiala, launched a Sleep Clinic to cater to the rising problems of sleep disorders among the population of Patiala. The clinic was launched in association with Breathewell Clinic Pvt Ltd, a venture of American Neurologists and Sleep Medicine Specialists, Dr Randip Singh, MD, and Dr Asim Roy, MD. On this occasion Mr Gurkirat Singh, General Manager, Columbia Asia Hospital, Patiala and Dr Simica Tuli, Chief of Medical Services, Dr Bhaskar Azad, Medical Director, The Sleep Clinic – a unit of Breathewell Clinic Pvt Ltd, were also present.

Sleep is a naturally occurring and periodic state that involves both the mind and the body. It is important to restore the body’s powers and is one of the three key pillars of good health, others being exercise and balanced diet. Research shows that not getting enough sleep increases the risk of high blood pressure, heart disease, obesity and diabetes, explained Dr Bhaskar Azad. 

He also elaborated on the different stages of sleep, and how each organ of the body is impacted during sleep. For e.g.; in case of the lungs – breathing slows down and becomes more regular. In case of the muscles, growth hormone is released, which helps in repair and recovery. In the brain, toxins are cleared out, memories are processed and ability to concentrate is restored. In case of the heart, heart rate and blood pressure go down. Metabolism is regulated during sleep and digestion goes down.

‘’Along with the quality of sleep, the quantity of sleep is also very important. Infants & children need 10-16 hours of sleep, teenagers need 9-10 hours of sleep and adults need 7-9 hours of sleep’’, said Dr Bhaskar.

Elaborating on Common Sleep Disorders, Dr Bhaskar said that the most common disorder is Snoring and sleep apnea, hypersomnia (excessive daytime sleepiness), Circadian Rhythm Disorder, Parasomnias, Insomnia and Restless Leg Syndrome. He said that out of these, the most common disorder is obstructive sleep apnea. It is a condition in which something blocks part or all of your upper airway while you sleep. 

As per the latest estimate, close to a billion people globally suffer from this problem, and India has the fourth highest prevalence of this disorder in the world. It is easy to diagnose using a sleep test which can be done either in the comfort of one’s home – or in a sleep lab at the clinic – based on the disease condition – he explained.

While mild sleep apnea can be treated with lifestyle changes, increasing physical activity, exercise, positional therapy, dental appliances and other techniques – moderate to severe sleep apnea usually requires using a device called CPAP – where one sleeps with a device and a mask which prevents the blocking of the upper airway and prevents the serious consequences linked to sleep apnea. 

If you do not sleep well, you

  • Will feel more hungrier (midnight snacking), especially craving for sweet food increases
    • Use the washroom more often (kidneys don’t get rest)
    • Have heart problems like blood pressure or heart failure (heart doesn’t get rest)
    • Have lower immunity (Immunity can’t recharge itself)
    • Get body aches (muscles don’t rest, repair)
    • Get acidity at night (Stomach / Digestive system doesn’t get rest)
    • Get negative thoughts, bad mood swings, memory problems, premature ageing signs and depression (Brain can’t weed out the negative thoughts and improve memory)

Read in Hindi

कोलंबिया एशिया अस्पताल पटिआला ने की स्लीप क्लिनिक की शुरुआत –अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए ज़रूरी

नींद का आभाव बढ़ाये ह्रदय रोग, उच्च रक़्तचाप, शुगर और मोटापे का खतरा

पटिआला 6 मार्च कोलंबिया एशिया अस्पताल पटिआला की और से नींद की वजह से बढ़ती हुई पटियाला के लोगों की परेशानियों के समाधान के लिए स्लीप क्लिनिक की शुरुआत की गयी I यह क्लिनिक ब्रैथवेल क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से जो की अमेरिकन न्यूरोलॉजिस्ट और स्लीप मेडिसिन एक्सपर्ट्स का साँझा गठबंधन है I इस मौके पर कोलंबिया एशिया अस्पताल, पटियाला की चीफ ऑफ़ मेडिकल सर्विसेज डॉ। सिमिका तुली और जनरल मैनेजर श्री गुरकीरत सिंह भी मौजूद रहे I डॉ भास्कर आज़ाद, मेडिकल डायरेक्टर, द स्लीप क्लिनिक – जो की  ब्रैथवेल क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड की इकाई है, भी मौजूद रहे I

नींद एक प्राकृतिक और नियमित तौर पर होने वाली क्रिया है जिसमे शरीर और दिमाग दोनों सम्लित होते हैंI  शरीर की ताकत को पुनः    संचित  करना ज़रूरी है जो की कसरत और भोजन के इलावा अच्छी सेहत का तीसरा सतम्भ I डॉ भास्कर आज़ाद ने बताया रिसर्च से पता चला है कि पूरी नींद न ले पाना ह्रदय रोग, उच्च रक्त्चाप, मोटापा और शुगर के बुरे प्रभावों को बढ़ाबा देता हैI

उन्होंने नींद के बिभिन्न पड़ावों के बारे मैं भी बताया और इससे किस तरह शरीर का हर अंग प्रभाबित होता है I उदाहरण के लिए फेफड़ों को लें तो साँस लेने कि प्रक्रिया धीमी और लगातार हो जाती है, मांसपेशियों कि लें तो ग्रोथ हार्मोन रिलीज़ होता है जो कि रिपेयर और रिकवरी मैं मदद करता है I दिमाग में टॉक्सिन्स का सफाया होता है यादाश्त संचित होती है और धयान एकत्रित करने कि क्षमता स्थिर होती है I

 दिल कि बात करें तो नींद के दौरान धड़कन धीमी होती है और ब्लड प्रेशर काम होता हैI पाचन क्षमता नियंत्रित होती है और नींद के दौरान पाचन क्रिया धीमी हो जाती है I

 डॉ भास्कर बताया नींद की गुणबत्ता के साथ साथ नींद की मात्रा भी बहुत ज़रूरी हैI। शिशुओं और बच्चों में 10-16 घंटे की नींद और, युवा पीड़ी को 9-10 घंटे और वयस्कों को 7-9 घंटे की नींद की ज़रुरत होती है I

डॉ भास्कर ने  नींद की बीमारी के बारे में और बताते हुए कुछ एक समस्याएं जैसे की खर्राटे लेना, नींद के दौरान अचानक साँस का रुक जाना, दिन के समय जयादा नींद आना, दिनभर थकाबट महसूस होना, ढंग से नींद न आना, ध्यान एकत्रित करने में या याद्दाश्त की दिक्कत, रात को जयादा पसीना आना, धीमी प्रतिक्रिया, एसिडिटी, शुगर, उच्च रक्तचाप और मोटापा आदि कुछ एक लक्षण हैं ी

उन्होंने ने बताया अभी के अनुमान के हिसाब से विश्व भर में लगभग एक बिलियन के आसपास लोग इस बिमारी से ग्रसित है, और भारत का इसमें विश्व भर में चौथा स्थान है I इस बिमारी को स्लीप टेस्ट कर के बड़े आराम से पकड़ा जा सकता है I यह टेस्ट कसी के घर की आरामदायक परिस्थितियों में या स्लीप क्लिनिक की लैब में  बिमारी के हिसाब से किया जा सकता हैी

जबकि थोड़ी बहुत बिमारी को रेहान सेहन में बदलाब के साथ इलाज किया जा सकता है जैसे क़ि शारीरिक गतिबिधि को बढ़ाकर, कसरत, पोसिशनल थेरेपी, डेंटल एप्लायंसेज और दूसरी प्रणालियों द्वारा, माध्यम से जयादा बिमारी के लिये C-PAP डिवाइस का उपयोग किया जाता है  जिसमें मरीज़ को डिवाइस के साथ मास्क लगा कर सोना पड़ता है जो उच्च साँस के मार्ग को बंद होने से रोकता है और नींद क़ि बिमारी से जुड़े भयानक परिणामों से बचता है I

अगर आप ढंग से नहीं सो पाते तो आप :

आप को जयादा भूख लगती है खासकर मीठे खाने के लिए

बार बार शौचालय का प्रयोग

दिल क़ि बीमारियां होंगी, जैसे क़ि उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग 

बिमारियों से लड़ने क़ि क्षमता काम होगी

शरीर दर्द रहेगा

रात के समय एसिडिटी क़ि शिकायत

नकारात्मक विचार, बुरा व्यव्हार, यादाश्त क़ि परेशानी, समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण और मानसिक दबाब

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ਕੋਲੰਬੀਆ ਏਸ਼ੀਆ ਹਸਪਤਾਲ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ- ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਚੰਗੀ ਸਿਹਤ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ 

ਨੀਂਦ ਦੀ ਘਾਟ ਤੋਂ ਦਿਲ ਦੇ ਰੋਗ, ਮੋਟਾਪਾ ਸ਼ੁਗਰ ਅਤੇ ਹਾਈ ਬਲੱਡ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ

ਪਟਿਆਲਾ 6 ਮਾਰਚ, ਕੋਲੰਬੀਆ ਏਸ਼ੀਆ ਹਸਪਤਾਲ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਨੀਂਦ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਬੜਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਸਮਾਧਾਨ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ i ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਦਰਸਲ ਨੀਂਦ ਦੀ ਵਜਹ ਅਤੇ ਨੀਂਦ ਦੌਰਾਨ ਹੋਣੇ ਵਾਲਿਆਂ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀਆਂ ਦੇ ਸਮਾਧਾਨ ਤੇ ਅਧਾਰਿਤ ਹੈ i ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਕੋਲੰਬੀਆ ਏਸ਼ੀਆ ਅਸਪਤਾਲ ਦੇ ਜਨਰਲ ਮੈਨੇਜਰ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰਕੀਰਤ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸੁਪਰੀਡੈਂਟ ਡਾਕਟਰ ਸਿਮਿਕਾ ਤੁਲੀ ਅਤੇ ਡਾਕਟਰ ਭਾਸਕਰ ਆਜ਼ਾਦ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਬ੍ਰੇਥਵੈੱਲ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਲਿਮਿਟਿਡ ਭੀ ਮੌਜ਼ੂਦ ਰਹੇ

ਡਾਕਟਰ ਭਾਸਕਰ ਆਜ਼ਾਦ ਕੌਂਸੁਲਟੈਂਟ ਸਲੀਪ ਮੈਡੀਸਿਨ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਲੈਣਾ ਪੂਰਨ ਸਿਹਤ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਦਾ ਹੈ i ਕੁਜ਼ ਇਕ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਜਿਵੇ ਕਿ ਖਰਾਟੇ ਲੈਣਾ , ਨੀਂਦ ਦੌਰਾਨ ਅਚਾਨਕ ਸਾਹ ਲੈਣ ਚ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਹੋਣਾ, ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨੀਂਦ ਆਉਣਾ, ਦਿਨ ਭਰ ਥਕਾਵਟ  ਮਹਿਸੂਸ ਹੋਣਾ, ਢੰਗ ਨਾਲ ਨੀਂਦ ਨਾ ਆਉਣਾ, ਧਿਆਨ ਲਗਾਉਣ ਆ ਯਾਦਾਸ਼ਤ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ, ਰਾਤ ਸਮੇਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਸੀਨਾ ਆਉਣਾ, ਐਸੀਡਿਟੀ, ਸ਼ੁਗਰ ਅਤੇ ਮੋਟਾਪਾ ਵਰਗੇ ਰੋਗਾਂ ਦਾ ਉਪਚਾਰ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਵਿਖੇ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ I ਕੋਲੰਬੀਆ ਏਸ਼ੀਆ ਹਸਪਤਾਲ ਪਟਿਆਲਾ ਨੇ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਬ੍ਰੇਥਵੈੱਲ ਦਾ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਜੋ ਕਿ ਅਮਰੀਕੀ ਨਿਊਰਲੋਜਿਸਟ ਅਤੇ ਸਲੀਪ ਮੈਡੀਸਿਨ ਦੇ ਮਾਹਿਰਾਂ ਦਾ ਇਕ ਸਾਂਝਾ ਗਠਜੋੜ ਹੈ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਹੈ I ਡਾਕਟਰ ਭਾਸਕਰ ਆਜ਼ਾਦ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨੀਂਦ ਦੀ ਸਮਸਿਆ ਇਕ ਇਹੋ ਜਿਹਾ ਸਮਾਂ ਹੈ ਜੋ ਲਗਾਤਾਰ ਤੁਹਾਡੀ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਲੈਣ ਦੀ ਕ੍ਸ਼ਮਤਾ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿੱਤ ਕਰਦੀ ਹੈI ਉਨ੍ਹਾਂਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨੀਂਦ ਦੀ ਅਨਿਯੰਤ੍ਰਤਾ ਦੇ ਕੁਜ਼ ਇਕ ਲੱਛਣ ਹਨ ਜਿਵੇ ਕਿ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਨੀਂਦ ਆਉਣਾ, ਸਾਹ ਦਾ ਉਪਰ ਥੱਲੇ ਹੋਣਾ, ਨੀਂਦ ਵੇਲੇ ਹਰਕਤ ਦਾ ਬਦਨਾ, ਅਤੇ ਨੀਂਦ ਆਉਣ ਵਿਚ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਆਉਣਾ i ਡਾਕਟਰ ਭਾਸਕਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਖਰਾਬ ਨੀਂਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦਿਲ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ, ਸ਼ੁਗਰ, ਬਲੱਡ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ, ਮਾਨਸਿਕ ਦਬਾਬ, ਬੁਰੇ ਖਿਆਲ, ਖਰਾਬ ਵਰਤਾਵ, ਮੋਟਾਪਾ, ਸਟ੍ਰੋਕ, ਸਰ ਦਰਦ, ਸੋਂਦੇ ਵੇਲੇ ਸਾਹ ਲੈਣ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ, ਰੋਡ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਦੇ ਖ਼ਤਰੇ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੀ ਹੈ i ਉਨ੍ਹਾਂਨੇ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਲੈਣ ਦੇ ਕੁਛ ਉਪਾਅ ਭੀ ਦੱਸੇ ਜਿਵੇ ਕਿ ਦਿਨ ਸਮੇਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰੋਸ਼ਨੀ ਵਿਚ ਰਹਿਣਾ, ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਨੀਲੀ ਰੋਸ਼ਨੀ ਦਾ ਘੱਟ  ਉਪਯੋਗ, ਸ਼ਾਮ ਵੇਲੇ ਚਾਹ -ਕੋਫੀ  ਦਾ ਘਟ ਸੇਵਨ, ਰੋਜ਼ ਇਕੋ ਸਮੇਂ ਤੇ ਸੋਣਾ ਅਤੇ ਜਾਗਣਾ, ਸ਼ਰਾਬ ਦਾ  ਸੇਵਣ  ਨਾ ਕਰਨਾ, ਰਾਤ ਦਾ ਖਾਣਾ ਦੇਰ ਨਾਲ ਨਾ ਖਾਣਾ, ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਕਸਰਤ ਕਰਨਾ ਪਾਰ ਸੌਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਨਹੀਂ, ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਤਰਲ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਪਰਹੇਜ਼ ਆਦਿ i ਕੋਲੰਬੀਆ ਏਸ਼ੀਆ ਦੇ ਇਸ ਸਲੀਪ ਕਲੀਨਿਕ ਨਾਲ ਪਟਿਆਲਾ ਤੇ ਆਸ ਪਾਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਾਫੀ ਫਾਇਦਾ ਮਿਲੇਗਾ i